राजधानी चौपाल, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं को राज्य (Haryana news) के विकास और पर्यावरण संरक्षण का सबसे बड़ा भागीदार बताते हुए कहा कि आने वाला समय उसी समाज का होगा, जहां युवा नेतृत्व और हरित विकास साथ-साथ आगे बढ़ेंगे।
पिंजौर में आयोजित युवा प्रशिक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 21 राजकीय विश्वविद्यालयों की युवा कल्याण समितियों के सदस्यों के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता शिविर आयोजित किया गया है। इस शिविर में 210 युवा प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये युवा केवल अपने संस्थानों का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे, बल्कि हरियाणा की नई सोच और ऊर्जा का प्रतीक हैं।
सभी विश्वविद्यालयों में बनी युवा कल्याण समितियां
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी सरकारी विश्वविद्यालयों में युवा कल्याण समितियों का गठन कर दिया है। इन समितियों का उद्देश्य युवाओं को सामाजिक सरोकारों, नेतृत्व क्षमता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित के कार्यों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि अनुशासित और जागरूक युवा ही विकसित हरियाणा और विकसित भारत की मजबूत नींव रखेंगे।
हर जिले में विकसित होंगे ऑक्सीजन पार्क
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में बताते हुए कहा कि प्रत्येक जिला मुख्यालय पर 5 से 100 एकड़ तक के क्षेत्र में ऑक्सीजन पार्क विकसित किए जाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि सोनीपत में 116 एकड़ और यमुनानगर में 11 एकड़ क्षेत्र में नगर वन विकसित किए जा चुके हैं। इसके अलावा कुरुक्षेत्र के 48 कोस क्षेत्र में स्थित 134 तीर्थ स्थलों पर पंचवटी वाटिकाओं का विकास किया जा रहा है।
53 हर्बल पार्क और हरियाली बढ़ाने पर विशेष फोकस
राज्य सरकार औषधीय पौधों और जैव विविधता के संरक्षण के लिए पूरे प्रदेश में 53 हर्बल पार्क स्थापित कर चुकी है। साथ ही 'हर गांव पेड़ों की छांव', 'हर घर हरियाली' और 'पौधगिरी' जैसी योजनाओं के माध्यम से बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अभियानों का उद्देश्य हरियाणा को अधिक हरित और पर्यावरण के अनुकूल राज्य बनाना है।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए राज्य सरकार ने 19 प्रकार के सिंगल-यूज प्लास्टिक उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, स्वच्छता और हरित विकास से जुड़े अभियानों को भी लगातार गति दी जा रही है।
विकास और पर्यावरण साथ-साथ चलेंगे
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने युवाओं से वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता, नशा मुक्ति और राष्ट्र सेवा को जीवन का संकल्प बनाने की अपील करते हुए कहा कि हरियाणा का उज्ज्वल भविष्य युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव होगा।